Friday, July 16, 2010
ઉમડ ઘુમડ કર આઈ રે ઘટા
कलाकारः- लताजी और मन्ना डे
हो उमड-घुमडकर आयी रे घटा [२]
कारे-कारे बदराकी छायी छायी रे घटा
जब सनन पवन को लातीर
बादल को चीर निकला रे नीर
झर-झर झर-झर अब धार झरे
ओ धरती जलसे माँग भरे
हो उमड घुमडकर आयी रे घटा
नन्ही नन्ही बुन्दनियों की खनन खनन खन खंजरी
बजाती आयी बजाती आयी देखो भाई बरखा दुल्हनीया [२]
छुक छुक छुक छुक सैंया
आज डारुं तोरे गलवामें बैंया
मैं नाचुँ तेरे संग=संग सैंया हो सईया
हो सावन का सन्देसा लेकर निकली जोगन घर से
जो कोई ईसको प्यार को तरसे वहीं नवेली बरसे
कारे कारे बदरवाकी झनन-झनन झन झांझरी
बजाती आयी है देखो भाई बरखा दुल्हनिया [२]
हो उमड घुमड कर
मीठी-मीठी मस्त पवनकी सनन सनन सन बाँसुरी
बजाती आयी देखो भाई बरखा दुल्हनिया
हो उमड घुमड कर
हरी हरी चुनरी साजे कलियोँका कँगना बाजे
देखके अपनी बरखा रानीकी मीठी मुस्कान रे
सावनके दुल्हेकी चमक उठी शान रे
गोरी गोरी बिजुरीयाकी चमक चमक चमकन्ती
चमकाती आयी देखो भाई बरखा दुल्हनीया
हो उमड घुमडकर आई
रंग बिरंगी झोली भरके भरन-भरन भँडार रे
लुटाती आयी देखो भाई बरखा दुल्हनीया
हो उमड घुमड कर
धरतीने गठरी खोली
भरी भरी अपनी झोली अनमोली भैया
खेलो-खेलो खुशीयोंकी होली हो होली
धन-धन हमरी धरती
सबके जीवनके ये अधुरे सपने पुरे करती
देखो-देखो घर-घर हमारे लहर-लहर आनंदकी
लहेराती आई देखो भाई बरखा दुल्हनियाँ
हो उमड घुमडकर
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